पुस्तकालय भर्ती मामले में कोर्ट जाएंगे अभ्यर्थी

July 27, 2020
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Patna: पुस्तकालयध्यक्ष बनने का सपना देख रहे प्रशिक्षित पुस्तकालय अभ्यर्थियों को निराशा के अलावा कुछ भी नहीं मिल रहा है। विगत कई वर्षों से राज्य में पुस्तकालय भर्ती की चयन प्रक्रिया का अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं।लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। जबकि राज्य में वर्ष 2008 में पुस्तकालय अधिनियम को मंजूरी दी गई थी। फिर भी इस अधिनियम को ताक पर रखकर वर्तमान सरकार पुस्तकालयध्यक्षों की नियुक्ति करने में परहेज कर रही है। उक्त बातें ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरी एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विकास चंद्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहीं।

उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों अभ्यर्थी एसोसिएशन के बैनर तले विगत कई वर्षों से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं परंतु सरकार द्वारा उन्हें उपेक्षा की जा रहा है हमारी मांगों पर तनिक भी सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के शिक्षा विभाग के उच्च अधिनस्थ अधिकारियों को भी पुस्तकालय भर्ती की मांग को लेकर कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है।

लेकिन उनके द्वारा सिर्फ कोरा आश्वासन दिया जाता है। बीते महीने अभ्यर्थियों द्वारा राज्य के सभी मंत्री विधायकों एवं विधान पार्षदों को भर्ती संबंधित एक अभियान चलाकर ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन अभी तक इसओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिससे अभ्यर्थियों में काफी रोष व्याप्त है। एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 6 अगस्त के बाद सरकार हमारी मांगों पर पुनर्विचार नहीं किया तो एसोसिएशन राज्य के हजारों अभ्यर्थियों के साथ राज्य सरकार के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। जहां न्यायालय में गुहार लगाकर अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए पुस्तकालय अध्यक्षों की शीघ्र बहाली की मांग करेंगे। प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा और विश्वास है कि वह हम लोगों के पक्ष में फैसला सुनाएंगे।

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