लाखों में बिक रही मधुबनी के अविनाश की बनाई 'नटराज' मिथिला पेंटिंग, इस प्राचीन कला को बुलंदियों तक पहुंचाने में जुटे

August 27, 2020
जिलाटॉप
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Patna:बिहार के मधुबनी जिले के निवासी अविनाश कर्ण इन दिनों सुर्खियों में बने हुए है. दरअसल उनकी बनाई एक कलाकृति 'नटराज' लोगों को काफी पसंद आ रही है. ऐसे में सबसे खास बात ये है कि अविनाश द्वारा बनाई गई इस 'नटराज' पेंटिंग की नीलामी में 2.48 लाख रुपये की बोली लगाई गई है. जिसके बाद से सैफरन आर्ट की स्टोरी लिमिटेड के नो रिजर्व ऑक्शन में अविनाश की पेंटिंग 'नटराज' ने धूम मचा दी. नीलामी का यह परिणाम आते ही कलाप्रेमियों में इस पर चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।

आपको बताते चले कि अविनाश कई वर्षों से मिथिला पेंटिंग बनाते आ रहे हैं। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से फाइन आर्ट में स्नातक करने वाले अविनाश फिलहाल नए आइडिया के साथ काम कर रहे हैं। पिछले साल स्वीटजरलैंड में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव में अविनाश को आमंत्रित किया गया था। वहां उन्होंने लोक कलाओं के साथ हुए दुव्र्यवहार पर सभी कला प्रेमियों के बीच प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी थी।

आपको बता दें कि अविनाश बनारस में अपना स्टूडियो चलाते थे। लेकिन इन्होंने उसे बंद कर दिया और इस साल जुलाई में मधुबनी आ गए। कहते हैं कि वहां थोक में आर्डर मिलने पर बनाने वाले कलाकारों की कमी महसूस होती थी। ऐसे में सोचा कि क्यों नहीं अपने गृह जिले के कलाकारों के साथ मिलकर काम किया जाए, ताकि उन्हेंं भी आगे बढऩे का मौका मिल सके। अब ये अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं।

तो वहीं इस संबंध में अविनाश ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने पाया कि विशुद्ध रूप से पारंपरिक विषयों पर की गई पेंटिंग को फोक आर्ट का ठप्पा देकर उसे हस्तकला की श्रेणी में रख दिया जाता है, जिनकी ऊंची कीमत नहीं लग पाती। वहीं अगर इनमें समकालीन पुट दे दिया जाए तो यह खरीदारों को आकर्षित भी करता है और कीमत भी अधिक मिलती है। इस तरह अब इनकी कलाकृतियां समकालीन दीर्घाओं में प्रदर्शीत होने लगीं हैं।

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