ईपीएफ रजिस्ट्रेशन में शिक्षा विभाग की मनमानी से आक्रोशित शिक्षक, मुख्य सचिव समेत अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

September 16, 2020
ABHI-ABHI
0

पटना : बिहार के पंचायतीराज व नगर निकायों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए नई परेशानी खड़ी हो गयी है। ईपीएफ स्कीम से आच्छादित करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया से शिक्षकों में नाराजगी है। इस सम्बन्ध में बुधवार को शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त समेत राज्य सरकार के मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एवं श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपा है।

प्रस्तुत ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उन्हें ईपीएफ स्कीम का लाभ देने में शिक्षा विभाग के अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। इस तरह वे पटना उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना के साथ ही ईपीएफ एक्ट का उल्लंघन भी कर रहे हैं।

शिक्षकों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश और सरकार के निर्णय के बाद ईपीएफ का लाभ देने हेतु शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मनमाने ढ़ग से रजिस्ट्रेशन के लिए भरवाए जा रहे फॉर्म में सभी की नियुक्ति तिथि कॉलम में 1 सितंबर, 2020 तथा वेतन के स्थान पर 15000 रुपए या उससे कम भरने का न सिर्फ लिखित आदेश दिया है, बल्कि जबरन फॉर्म में भी ऐसा भरवाया जा रहा है। इससे उनकी अबतक की सेवा अवधि शून्य हो जायेगी तथा वर्तमान में मिलने वाले लाभ के साथ-साथ भविष्य में भी मिलने वाले लाभों से वंचित होना पड़ेगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के विरोध में युवा शिक्षक नेता सिद्धार्थ शंकर व आशीष सिंह एवं डॉ अनिल कुमार पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों का शिष्टमंडल कर्मचारी भविष्य संगठन (ईपीएफ) के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को ज्ञापन सौंपा तथा उन्हें पटना उच्च न्यायालय द्वारा 17 सितंबर, 2019 का इस संबंध में दिये आदेश की याद दिलाई है. जिसमें उन्हें ईपीएफ एक्ट का कड़ाई से पालन कराते हुए सभी संबंधित शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों को लाभ दिलाने का निर्देश दिया था।

Hey, like this? Why not share it with a buddy?

Related Posts

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here