बिहार के इस मास्क का थाईलैंड में छाया जलवा, जानिए क्या है खासियत

March 16, 2020
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Patna: को'रोना वा'यरस के फैलाव को देखते हुए पूरी दुनिया में हल'चल मची है और अचानक इससे बचने के लिए मास्क की डिमांड बढ़ गई है. संक्रमण से बचाव के लिए शेखपुरा के हैंडमेड मास्क थाइलैंड के काम आ रहे. चार महीने में 96 हजार मास्क का निर्माण कर यहां से निर्यात किया गया है. एक करोड़ मास्क निर्यात का ऑर्डर थाइलैंड के लिए चंडीगढ़ की एक कंपनी को मिला है.

प्रति मास्क पांच रुपये मजदूरी

पटना की एक एजेंसी के माध्यम से शेखपुरा में इसका निर्माण कराने का काम चार माह पूर्व उत्तम कुमार को मिला. एजेंसी उसे कच्चे माल की आपूर्ति करती है. प्रति मास्क निर्माण की मजदूरी निर्धारित है. इसे बनाने में उच्च औषधीय गुणों वाला जीएसएम चार्ट, प्लास्टिक गम और हल्के एलास्टिक का प्रयोग होता है. कपड़ा गुजरात से आता है. इधर कच्चे माल की कमी के कारण मास्क बनाने का काम रुका हुआ है.

CoronaVirus: थाईलैंड में बिहार के इस मास्क का छाया जलवा, जानिए क्या है खासियत

हैंडमेड मास्क की अधिक मांग

थाइलैंड भेजने के लिए बनाया जा रहा मास्क पूरी तरह से हैंडमेड है. उत्तम के अनुसार आरंभ में कुछ मास्क सिलाई मशीन पर बनाए गए जिसे एजेंसी ने रिजेक्ट कर दिए. एजेंसी की मांग पर हाथ से मास्क बनाए गए. जीएसएम चार्ट से बनाए गए मास्क को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में कारगर माना गया है. अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन डॉ. एमपी सिंह के अनुसार इस तरह के मास्क सूक्ष्म वायरस को नाक-मुंह में जाने से रोकते हैं.

घर बैठे मिल रहा रोजगार

हैंडमेड मास्क ने अस्थाई रोजगार का अवसर भी मुहैया कराया है. उत्तम कुमार ने बताया एक मास्क बनाने में पांच रुपये की मजदूरी दी जा रही है. महिलाएं इसका निर्माण कर रहीं हैं, उन्हें घरेलू कामकाज के साथ रोजगार मिल जाता है. हालांकि तीन दिनों से कच्चे माल की कमी से इसका निर्माण प्रभावित है. कच्चा माल आते ही बड़े पैमाने पर मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा.

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